• Wednesday, December 13, 2017

दिल्ली उच्च न्यायालय में पेड न्यूज मामले की सुनवाई आज

मध्यप्रदेश Oct 11, 2017       41
दिल्ली उच्च न्यायालय में पेड न्यूज मामले की सुनवाई आज

द करंट स्टोरी। मध्य प्रदेश के चर्चित पेड न्यूज मामले पर आज (बुधवार) दिल्ली उच्च न्यायालय की युगलपीठ सुनवाई करेगी। 

प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को निर्वाचन आयोग ने पेड न्यूज का दोषी पाते हुए तीन साल के लिए चुनाव लड़ने का अयोग्य ठहराया था। 

दिल्ली उच्च न्यायालय निर्वाचन आयोग द्वारा 23 जून 2017 को तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराए गए राज्य के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मामले की सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सुनवाई कर रहा है।

मिश्रा के खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराने वाले पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के अनुसार पेड न्यूज मामले पर दिल्ली उच्च न्यायालय की युगलपीठ आज सुनवाई करेगी। सुनवाई दोपहर बाद होने की संभावना है।

गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में खर्च का सही ब्यौरा न देने और पेड न्यूज प्रकाशित कराने की इसी चुनाव के पराजित उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। इस मामले में आयोग ने आरोप प्रमाणित होने पर चुनाव के नौ साल बाद 23 जून, 2017 को मिश्रा को तीन साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया था।

मालूम हो कि चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मिश्रा ग्वालियर उच्च न्यायालय गए और एक अन्य याचिका मुख्य पीठ जबलपुर में लगाई गई। इस पर सुनवाई से पहले ही भारती ने इस प्रकरण को अन्य उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की अपील की। भारती की अपील पर मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित हुआ और एकल पीठ ने आयोग के फैसले को सही पाया।

एकल पीठ के फैसले के खिलाफ मिश्रा सर्वोच्च न्यायालय गए, जहां से दिल्ली उच्च न्यायालय को युगलपीठ के जरिए सुनवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही मिश्रा को अंतरिम राहत मिल गई। फिलहाल उन्हें स्थगन मिला हुआ है।

Related News

विश्वविद्यालय नैतिकता की शिक्षा भी दें - शिवराज

Dec 12, 2017

द करंट स्टोरी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान व कौशल के अलावा नागरिकता की शिक्षा देने पर ध्यान देना चाहिए। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को यहा मध्य क्षेत्र के सात विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रखने के लिए आवश्यकतानुसार उनका विस्तार करने की परिस्थितियां बनाई जाएंगी। विश्वविद्यालयों को ज्ञान और कौशल देने के अलावा...

Comment