• Wednesday, December 13, 2017

मप्र - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई निर्णय पारित

मध्यप्रदेश Oct 11, 2017       46
मप्र - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में कई निर्णय पारित

द करंट स्टोरी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी।

मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है।

मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई।

मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।
 

Related News

विश्वविद्यालय नैतिकता की शिक्षा भी दें - शिवराज

Dec 12, 2017

द करंट स्टोरी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान व कौशल के अलावा नागरिकता की शिक्षा देने पर ध्यान देना चाहिए। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को यहा मध्य क्षेत्र के सात विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रखने के लिए आवश्यकतानुसार उनका विस्तार करने की परिस्थितियां बनाई जाएंगी। विश्वविद्यालयों को ज्ञान और कौशल देने के अलावा...

Comment