• Wednesday, December 13, 2017

मप्र भाजपा को दूल्हे का इंतजार, तैयारियां जोरों पर

आलेख Aug 17, 2017       1137
मप्र भाजपा को दूल्हे का इंतजार, तैयारियां जोरों पर

प्रवेश गौतम। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हो रही तैयारियों और वहां मौजूद नेतागण की माथों की लकीरें देखकर हर कोई हतप्रभ है। आम आदमी तो वहां से गुजरते हुए कहते दिख् रहे हैं कि क्या किसी की शादी है। 

गुरुवार 17 अगस्त को शाम के लगभग 5 बजे, भाजपा कार्यालय के प्रांगण में मंडप जैसे सजे छज्जे के नीचे कुछ नेता गण विराजमान थे, उसी दौरान एक प्रादेशिक चैनल में इसका सीधा प्रसारण भी चल रहा ​था। मंडप के नीचे एक कोने में बैठे हुए संगठन महामंत्री सुहास भगत जी के हाथ में डायरी और पेन था। ठीक उनके बगल में भाजपा के मीडिया मैनेजमेंट एक्सपर्ट विजेश लुनावत जी बैठे हुए भगत जी के कान में कुछ कह रहे थे, जिसके साथ ही भगत जी डायरी में कुछ नोट कर रहे थे।

इस दृश्य को देखकर ऐसा लग रहा था, कि मानो लड़की का चाचा सभी तैयारियों और मेहमानों की लिस्ट तैयार कर रहा था। बगल में बैठे लुनावत जी की सलाह और कानाफूसी मानो ऐसे लग रही थी कि लड़की का फूफा, चाचा को काम करने के तरीकों और कमियों को गिना रहा हो। 

ठीक उसी पल कुछ और नेतागण मंडप के नीचे सजी कुर्सियों पर विराजमान होते ही आपस में चर्चा शुरु कर देते है। वहीं आसपास खड़े कुछ लोग इन नेताओं के कान में जाकर बार बार कुछ बोलने लगते हैं। 

इस दृश्य को देखकर ऐसा लगा मानो कि लड़की के कुछ और रिश्तेदार अपने अपने कार्यों और जिम्मेदारी पर चर्चा कर रहे हों। आसपास खड़े लोग ऐसे लग रहे थे, जैसे कि इन रिश्तेदारों के साथी या बच्चे हों, जो उनके कान में जाकर कह रहे हों कि फूल माला की व्यवस्था हो गई है, चाचा जी को बता ​दीजिए। 

मंडप से थोड़ा बाहर निकलते ही सायरन की आवाज आने लगती है। एक नहीं बल्कि कई सायरनों कि। इसी बीच इन सायरन बजाने वाली गाड़ियों से कई नेता उतरते हैं और अंदर मंडप की तरफ कूच कर देते हैं। 

इस दृश्य को देखकर ऐसा लगा मानो कि लड़की के सभी मामा व अन्य रिश्तेदार भी पहुंच गए हैं, शादी कि तैयारियों में। 

इसी दौरान पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मौका मुआयना करने आ जाते हैं। इन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो मैरिज गार्डन के मालिक ने अपने मैनेजर को भेजा हो सभी तैयारियों का जायजा लेने। इसी के बाद पुलिस की पार्टी मंडप के ठीक पीछे कुछ कुर्सियां लगाकर बैठ जाती है। अब यह इत्तेफाक की है कि इनके पीछे ही खाना वाले टेबल में बर्तनों को लगाया जा रहा था। 

इन सबको देखकर ऐसा लगा कि चाचा और फूफा तो मामा और अन्य रिश्तेदारों के साथ मैरिज गार्डन को सजाने में लगे हैं, लेकिन लड़की का पिता और भाई कहा हैं, साथ ही दूल्हा कौन है। 

कुछ देर और रुकने के बाद पता चला कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का तीन दिवसीय प्रदेश दौरा है। इसी के चलते सभी नेतागण लड़की के रिश्तेदार लग रहे हैं। 

लड़की के पिता के बारे में जानना चाहा तो पता चला कि वह तो जनमास की तैयारियों में लगे हैं और भाई लोग दूल्हे को लेने के लिए एयरपोर्ट जाने कि तैयारी में लगे हुए हैं। 

अब देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता रूपी कन्या का हाथ किसे मिलता है? क्या दूल्हा सारे इंतजामात से खुश होगा या फिर दहेज की मांग बढ़ा देगा?  

वैसे शुक्रवार सुबह दूल्हे कि बारात बड़े शान से शहर से निकलेगी और मैरिज गार्डन आएगी। एक बात और दूल्हे ने आने से पहले ही अपने चचेरे भाई की नियुक्ति कर दी है। जिसको लेकर कई नेताओं के माथे में लकीरों की तादाद बढ़ने लगी है।

(नोट: यह केवल एक व्यंग्य है, जो कि अमित शाह के स्वागत की तैयारियों पर लिखा गया है)

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